मौलाना शाहरुख अज़ीज़ ख़ान (स्वतंत्र सामाजिक कार्यकर्ता
अब बदलेगा पूरा प्रभाग 22 — विकास हर घर तक पहुँचेगा मौलाना शाहरुख अज़ीज़ ख़ान (स्वतंत्र सामाजिक कार्यकर्ता, प्रभाग क्र. 22, पुणे महानगरपालिका)पुणे शहर तेज़ी से बढ़ रहा है — नई इमारतें, नई सड़कें, नई सुविधाएँ बन रही हैं। लेकिन हमारा प्रभाग क्रमांक 22 — लोहिया नगर, कश्येवाडी, डायस प्लॉट और आसपास के क्षेत्र आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।यह इलाका सिर्फ़ नक्शे पर “शहर” में नहीं आता, यहाँ के लोग भी उसी पुणे के नागरिक हैं जो साफ़ पानी, पक्के घर, और सुरक्षित वातावरण का अधिकार रखते हैं। हमारा विज़न — नया प्रभाग 22, नया पुणेहमारा लक्ष्य है कि पूरा प्रभाग 22 — झोपड़पट्टियों से निकलकर एक सुविधायुक्त हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बने, जहाँ हर परिवार के पास अपना पक्का घर हो, बच्चों के खेलने के लिए गार्डन और मैदान हों, हर गली में स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और स्वच्छता की व्यवस्था हो, और महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक माहौल बने। विकास का रास्ताहम मानते हैं कि सिर्फ SRA योजना नहीं, बल्कि क्लस्टर डेवलपमेंट, PMAY (प्रधानमंत्री आवास योजना), और स्मार्ट सिटी मॉडल के ज़रिए पूरे क्षेत्र का पुनर्विकास होना चाहिए।जनता की भागीदारी से बना विकास, वो विकास होता है जो लंबे समय तक टिकता है। हमारी माँग है —“विकास की योजना जनता के सुझावों के साथ बने, न कि जनता पर थोप दी जाए।” हमारा संदेशअब वक्त आ गया है कि लोहिया नगर, कश्येवाडी, डायस प्लॉट के लोग मिलकर कहें —“अब हमें वादे नहीं, वास्तविक विकास चाहिए!” “अब झोपड़पट्टी नहीं, स्मार्ट कॉलनी चाहिए!”हम सब मिलकर प्रभाग 22 को एक ऐसा मॉडल क्षेत्र बना सकते हैं जो पूरे पुणे के लिए उदाहरण बने। जनता से अपीलमैं, मौलाना शाहरुख अज़ीज़ ख़ान, आपका भाई, आपका हमदर्द, आपसे वादा नहीं — विकास का संकल्प लेकर मैदान में उतरा हूँ।आइए, हम सब मिलकर अपने प्रभाग को नया रूप दें — जहाँ हर घर में उजाला हो, हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान हो, और हर नागरिक को गर्व हो यह कहने में कि — “हाँ, मैं प्रभाग 22 से हूँ, जहाँ विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।” मौलाना शाहरुख अज़ीज़ ख़ान स्वतंत्र सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाग क्रमांक 22, पुणे